सपनों का शहर मुंबई: फैलाव और विस्तार

भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई अपने जीवंत वातावरण, असीमित अवसरों और अनूठी जीवनशैली के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। अरब सागर के तट पर बसा यह महानगर न केवल देश के आर्थिक पहिये को गति देता है, बल्कि अपनी खास भौगोलिक बनावट के लिए भी बेहद प्रसिद्ध है।

भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए, तो मुंबई नगर का कुल क्षेत्रफल लगभग 603 वर्ग किलोमीटर (603 km²) है। सीमित भूमि क्षेत्र होने के बावजूद, यह शहर करोड़ों लोगों की उम्मीदों और सपनों का ठिकाना है। प्रशासनिक रूप से इस पूरे क्षेत्र को दो मुख्य भागों में बाँटा गया है—मुख्य मुंबई शहर (आईलैंड सिटी) और मुंबई उपनगरीय क्षेत्र।

तीन तरफ से समुद्र से घिरा होने के कारण मुंबई का भौगोलिक विस्तार केवल उत्तर दिशा की ओर ही हो पाया है। यही कारण है कि 603 वर्ग किलोमीटर के इस सीमित दायरे में दुनिया की सबसे घनी आबादी में से एक बसती है। यहाँ की गगनचुंबी इमारतें, ऐतिहासिक धरोहरें और जीवन रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन प्रणाली इसी विशाल और गतिशील तंत्र का अहम हिस्सा हैं।

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