कैसे जानें कि आपके गर्भ में शिशु का सिर नीचे की ओर है?
गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों में शिशु का सिर नीचे की स्थिति (सिफेलिक पोजीशन) में आना सामान्य प्रसव के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अधिकांश शिशु 32 से 36वें सप्ताह के बीच अपने आप ही इस स्थिति में आ जाते हैं। आप खुद भी अपने शरीर और शिशु की हलचल में आ रहे बदलावों पर ध्यान देकर इसका अंदाजा लगा सकती हैं।
यदि शिशु का सिर नीचे हो गया है, तो आपको अपने पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस हो सकता है। हाथ लगाने पर पेट के निचले भाग में एक सख्त और गोल आकृति (शिशु का सिर) का अहसास होता है। इसके विपरीत, आपके पेट के बटन (नाभि) के ठीक ऊपर शिशु का नितंब (बॉटम) या पैर महसूस होंगे, जो छूने में थोड़े नरम और बड़े लगते हैं।
शिशु की हलचल के तरीके से भी इसे आसानी से समझा जा सकता है। जब सिर नीचे होता है, तो शिशु के पैरों की तेज और बड़ी हलचल (जैसे कि लात मारना) ऊपर की ओर, यानी आपकी पसली (रिब पिंजरे) के आसपास ज्यादा महसूस होती है। इसके अलावा, नीचे की तरफ सिर्फ हल्की फड़कन या हिचकी जैसी बारीक हलचलें महसूस हो सकती हैं।
शिशु के नीचे खिसकने पर आपको सांस लेने में आसानी होने लगती है क्योंकि फेफड़ों पर से दबाव कम हो जाता है, हालांकि मूत्राशय पर दबाव बढ़ने के कारण बार-बार यूरिन जाने की आवश्यकता हो सकती है। इन संकेतों की पुष्टि के लिए नियमित डॉक्टर से जांच और अल्ट्रासाउंड सबसे सटीक माध्यम हैं।
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