इस्लाम का इतिहास और मुसलमानों की शुरुआत

दुनियाभर में आज करोड़ों लोग इस्लाम धर्म के अनुयायी हैं, जिन्हें मुसलमान कहा जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इस्लाम और मुसलमानों की शुरुआत कैसे हुई थी। ऐतिहासिक और धार्मिक तथ्यों के अनुसार, इस्लाम का उदय सातवीं सदी में अरब प्रायद्वीप (आज के सऊदी अरब) में हुआ था।

इस्लाम धर्म की नींव और मुसलमानों के इतिहास में हजरत मुहम्मद साहब का स्थान सबसे महत्वपूर्ण है। उन्हें इस्लाम का अंतिम नबी (पैगंबर) माना जाता है। हजरत मुहम्मद साहब का जन्म 570 ईस्वी में मक्का शहर में हुआ था। मान्यता है कि लगभग 40 वर्ष की आयु में उन्हें अल्लाह (ईश्वर) की ओर से दिव्य ज्ञान (वही) प्राप्त हुआ, जिसके बाद उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को दूर करने और एकेश्वरवाद का संदेश फैलाना शुरू किया।

लगभग 613 ईस्वी के आसपास हजरत मुहम्मद साहब ने मक्का के लोगों को अपने ज्ञान का उपदेश देना और एक अल्लाह की इबादत करने की सीख देना आरंभ किया। इतिहास में इसी दौर को इस्लाम धर्म के आरंभ के रूप में जाना जाता है। जो लोग हजरत मुहम्मद साहब के इन उपदेशों से प्रभावित हुए और उन्होंने एक ईश्वर के प्रति खुद को समर्पित कर दिया, वे 'मुस्लिम' या मुसलमान कहलाए। इस प्रकार, अरब की धरती से शुरू हुआ यह संदेश धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया।

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