मेरा गाँव पालीगंज, पटना
जब कभी लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं कहाँ से हूँ, तो मेरा दिल तुरंत पालीगंज की ओर भाग जाता है। यह मेरा गाँव है, जो बिहार के पटना ज़िले में स्थित है। भारत के इस छोटे से कोने में मेरी जड़ें हैं, जहाँ बचपन की यादें खेतों, सुबह की धूप और गलियों में गूंजती हंसी में समाई हुई हैं।
पालीगंज शहर से नज़दीक होने के बावजूद अपनी सादगी बरकरार रखता है। यहाँ की मिट्टी, लोगों की भाषा और उनका जीवन-शैली बहुत सादा है। गाँव में सुबह-सुबह खेतों में काम करने वाले किसान, बच्चों की स्कूल जाने की तैयारी, और चाय की दुकान पर लोगों की बहसें — यह सब एक अलग ही छवि बुनता है।
भले ही यह गाँव बड़े शहरों की तरह नाम ना रखता हो, लेकिन यहाँ का हर कोना मेरे लिए खास है। पटना ज़िले के अंदर होने के बावजूद पालीगंज अपनी पहचान बचाए हुए है। यहाँ के लोग मेहनती, सीधे-सादे और अतिथि-सत्कार में विश्वास रखते हैं।
मेरा गाँव सिर्फ एक भौगोलिक स्थान नहीं ह
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