पे-मैट्रिक्स में लेवल क्या होता है?
पे-मैट्रिक्स भारत सरकार के कर्मचारियों के वेतन की गणना करने की एक व्यवस्था है, जिसे 7वें वेतनमान आयोग के बाद लागू किया गया। इसमें हर कर्मचारी के पद को एक निश्चित लेवल (स्तर) में रखा जाता है, जो उनके पद, जिम्मेदारी और अनुभव पर निर्भर करता है।
उदाहरण के लिए, लेवल 1 सबसे निचले स्तर के पदों के लिए होता है। इस लेवल पर कर्मचारी का बेसिक सैलरी प्रति माह 18,000 रुपए होती है। यह राशि 2.57 गुना के फिटमेंट फैक्टर पर आधारित है, जिसे 2016 में लागू किया गया था।
फिटमेंट फैक्टर का मतलब है कि पहले के वेतन को नए मैट्रिक्स में फिट करने के लिए एक गुणक (मल्टीप्लायर) का उपयोग किया जाता है, ताकि वास्तविक वेतन वृद्धि के साथ न्यायसंगत समायोजन हो सके।
समय के साथ, कर्मचारी अपने ग्रेड पे और एनपीएस के तहत प्रमोशन या एनियल रिव्यू के जरिए उच्च लेवल में जा सकते हैं। आज भी कई सरकारी नौकरी में भर्त
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