यीशु के जन्म से पहले क्या था?

यीशु मसीह के जन्म से पहले दुनिया धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से बहुत कुछ अनुभव कर रही थी। वह समय यहूदियों के लिए एक अपेक्षा और आशा का समय था। बाइबल के अनुसार, भगवान ने प्राचीन काल से ही यीशु मसीह के आगमन का वचन दिया था। कई भविष्यवाणियों में उनके आने की बात कही गई थी, जैसे इसाइयाह ने कहा था – “इक्कीस वर्ष की आयु में एक कुंवारी का पुत्र होगा, और उसका नाम इम्मनुएल (भगवान हमारे साथ) रखा जाएगा”

उस समय रोमन साम्राज्य का प्रभुत्व था, और यहूदा देश रोमन शासन के अधीन था। लोग एक मसीहा (उद्धारक) की तलाश में थे, जो उन्हें उत्पीड़न से मुक्ति दिलाए। धार्मिक नेता विधि पर बल दे रहे थे, लेकिन हृदय से दूर होते जा रहे थे। ऐसे में यीशु के जन्म की घोषणा एक विशेष संदेश थी – प्रेम, क्षमा और उद्धार का संदेश।

यीशु के जन्म से पहले का समय केवल एक ऐतिहासिक अवधि नहीं, बल्कि एक वचन की पूर्ति की प्रतीक्षा थी। जब वह समय आया, तो एक साध

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