यीशु मसीह की मृत्यु कैसे हुई?

ईसा मसीह, जिन्हें बाइबल में भगवान का पुत्र और मनुष्यों का उद्धारकर्ता माना जाता है, को रोमन सूली की सजा दी गई थी। उस समय के यहूदी नेताओं को उनकी बढ़ती लोकप्रियता से चिंता हुई थी। वे डरते थे कि ईसा का बढ़ता प्रभाव उनकी धार्मिक और राजनीतिक स्थिति के लिए खतरा बन सकता है।

सूली की सजा और घटना

ईसा मसीह को गुदड़ी के बाग में पकड़वाया गया, जहां उनके शिष्यों में से एक, यहूदा ने उन्हें पहचान दिलाई। उन्हें रोमन प्रांतीय गवर्नर पोंतियस पाइलेट के सामने पेश किया गया। हालांकि पाइलेट को लगा कि ईसा निर्दोष है, लेकिन जनता के दबाव में वह उन्हें सूली पर चढ़ाने की सजा देने पर मजबूर हुए।

ईसा को तब सूली पर चढ़ा दिया गया। यह सजा उस समय की सबसे क्रूर और लानती मौत मानी जाती थी। माना जाता है कि वे सूली पर लटकने के बाद तीन दिन बाद जी उठे, जिसे ईसाई धर्म में पुनरुत्थान कहा जाता है।

आज तक की विरासत

ईसा मसीह की मृत्यु और पुनरुत्थ

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