यीशु मसीह को भगवान क्यों मानते हैं?

ईसाई धर्म में यीशु मसीה को भगवान का पुत्र माना जाता है, लेकिन यह विश्वास केवल एक धार्मिक शिक्षा तक ही सीमित नहीं है। यीशु के जीवन, उपदेश और कर्मों को देखकर लाखों लोग मानते हैं कि वह साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि भगवान की दिव्य उपस्थिति थे।

उनके शब्दों में दया, प्रेम और क्षमा की ऐसी शक्ति थी, जो आज भी लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। वे बीमारों को ठीक करते, अंधों को आंखें देते और मृतकों को जीवन देते थे। ऐसे कई चमत्कारों ने लोगों को यह एहसास कराया कि वह सामान्य मनुष्य नहीं हैं।

यीशु ने स्वयं कहा था – “मैं पिता के साथ एक हूँ”। यह बात उनकी दिव्यता को दर्शाती है। उनके अनुयायी मानते हैं कि वह भगवान के आगमन का एक रूप हैं, जो मनुष्यों को पाप से मुक्ति दिलाने और उन्हें ईश्वर के निकट लाने के लिए आए थे।

यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान भी यह साबित करते हैं कि वह साधारण इंसान नहीं थे। ईसाई मान्यता है कि उनका पुन

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