राजा की पत्नी क्यों नहीं है?
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अगर रानी एलिजाबेथ द्वितीय के पति प्रिंस फिलिप राजा क्यों नहीं बने, जबकि वह रानी के साथ-साथ राजसी जिम्मेदारियां निभाते थे। इसका जवाब छुपा है ब्रिटिश राजपरिवार के एक पुराने रिवाज में।
ऐतिहासिक नियम के मुताबिक, जब कोई रानी राज करती है और कोई पुरुष उसके साथ शादी करता है, तो उसे "प्रिंस कंसोर्ट" (राजकुमार पति) की उपाधि दी जाती है, न कि "राजा"। इसका मुख्य कारण यह है कि "राजा" की उपाधि उस व्यक्ति के लिए आरक्षित है जो सिंहासन का विरासती उत्तराधिकारी हो, जैसे कि किंग चार्ल्स तृतीय।
अगर पति को "राजा" कहा जाता, तो यह भ्रम पैदा हो सकता था कि वह वास्तविक शासक है। इसलिए, प्रिंस फिलिप को आधिकारिक तौर पर कभी "किंग कंसोर्ट" नहीं कहा गया, बल्कि उन्हें प्रिंस कंसोर्ट की उपाधि दी गई।
यह नियम केवल शीर्षक के बारे में नहीं है, बल्कि राजसी पदानुक्रम और परंपरा को बनाए रखने के बारे में भी है। इसलिए
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।