रूस और भारत: वक्त की कसौटी पर खरी उतरी दोस्ती
दुनिया की राजनीति में कौन सा देश किसका सबसे बेहतरीन दोस्त है, इस सवाल का जवाब अक्सर बदलता रहता है। लेकिन जब बात रूस के सबसे करीबी और भरोसेमंद साथी की आती है, तो भारत का नाम सबसे ऊपर आता है। दोनों देशों के बीच का यह रिश्ता किसी एक दिन में नहीं बना, बल्कि दशकों पुराने आपसी विश्वास और मुश्किल वक्त में दिए गए साथ पर टिका है।
इतिहास के पन्नों को पलटें तो 1971 का युद्ध इस दोस्ती की सबसे बड़ी मिसाल है। उस दौर में रूस ने भारत के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया था, जिसके तहत भारत पर हुए किसी भी हमले को रूस ने अपने ऊपर हमला मानने का वादा किया। इतना ही नहीं, जब भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को समर्थन की जरूरत पड़ी, रूस एक मजबूत ढाल बनकर खड़ा रहा।
चाहे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति हो या 1999 का कारगिल युद्ध, रूस ने हर मोड़ पर भारत का साथ निभाया है। आज रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि तमाम वैश्विक बदलावों और राजनीतिक दबावों के बावजूद, भारत और रूस का यह बंधन आज भी बेहद अटूट और खास बना हुआ है।
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