रूस में हिंदू धर्म: एक संक्षिप्त परिचय

रूस में हिंदू धर्म का इतिहास और उपस्थिति काफी अनोखी है। मुख्य रूप से ईसाई बहुसंख्यक देश होने के बावजूद, रूस में सनातन धर्म के अनुयायियों की संख्या लगातार अपनी जगह बना रही है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष २०१० की जनगणना में रूस की कुल आबादी का लगभग ०.१ प्रतिशत हिस्सा हिंदू धर्म का पालन करने वाला पाया गया था। हालांकि यह संख्या प्रतिशत के हिसाब से छोटी लग सकती है, लेकिन रूस में भारतीय प्रवासियों, योग प्रेमियों और स्थानीय रूसी नागरिकों के बीच वेदों, उपनिषदों और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी रुचि देखी जाती है।

मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे बड़े शहरों में आपको कई ऐसे सांस्कृतिक केंद्र और मंदिर मिल जाएंगे जहाँ भारतीय परंपराओं और त्योहारों जैसे कि दीपावली और जन्माष्टमी को बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा, इस्कॉन (ISKCON) जैसी संस्थाओं के प्रयासों से भी रूसी समाज में भगवद्गीता और कृष्ण भक्ति का प्रसार हुआ है।

आज रूस में हिंदू धर्म केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आध्यात्मिक जिज्ञासा का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

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