रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत पर उसका असर
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष ने केवल उन दोनों देशों को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इस युद्ध की वजह से दुनियाभर में सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे आम आदमी की जरूरत की चीजें महंगी हो गई हैं।
इस संकट का सबसे बड़ा प्रभाव महंगाई के रूप में सामने आया है। दुनिया के कई देश इस समय ऐतिहासिक रूप से उच्च महंगाई दर का सामना कर रहे हैं, और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। युद्ध के कारण कच्चे तेल, खाने के तेल और उर्वरकों (फर्टिलाइजर) के दाम आसमान छूने लगे, जिसका सीधा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ा।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस स्थिति के गंभीर परिणाम सामने आए हैं। कुछ समय पहले स्थिति इतनी चुनौतीपूर्ण हो गई थी कि भारत में सालाना खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.8 फीसदी के ऊंचे स्तर को पार कर गई थी। यह वृद्धि दर्शाती है कि वैश्विक उथल-पुथल का हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा के खर्चों पर कितना गहरा और सीधा असर होता है।
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