भारत और रूस का व्यापार

रूस और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते हमेशा से बहुत मजबूत रहे हैं। रूस से भारत आने वाली चीजों में सबसे बड़ा और अहम हिस्सा ऊर्जा यानी पेट्रोलियम उत्पादों का है। आंकड़ों के अनुसार, भारत अपने कुल आयात का आधे से ज्यादा हिस्सा रूस से केवल पेट्रोलियम और ईंधन के रूप में खरीदता है।

दोनों देशों के बीच यह आर्थिक सहयोग समय के साथ लगातार बढ़ रहा है। उदाहरण के लिए, वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान भारत ने रूस से कुल 5.5 अरब डॉलर मूल्य का आयात किया था। इस कुल व्यापार में से अकेले पेट्रोलियम उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 3.7 अरब डॉलर थी, जो यह साफ दिखाती है कि भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में रूस एक बहुत बड़ा साझीदार है।

पेट्रोलियम के अलावा, दोनों देश रक्षा उपकरणों, तकनीक और अन्य खनिज पदार्थों के क्षेत्र में भी एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं। यह व्यापारिक साझेदारी दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने और आपसी संबंधों को और अधिक गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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