लखनऊ का इतिहास और उसका नाम
लखनऊ को आज तो हम सिर्फ एक खूबसूरत शहर के रूप में जानते हैं, लेकिन इसके पीछे एक समृद्ध इतिहास छिपा है। लखनऊ का पूरा नाम प्राचीन काल में लक्ष्मणपुर या लखनपुर था। मान्यता है कि इस शहर का नामकरण भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण के नाम पर हुआ। कहा जाता है कि राम ने अपने भाई लक्ष्मण को यह भूमि दान में दे दी थी, जिसके बाद यहाँ का नाम लक्ष्मणपुर पड़ा।
समय बदला और धीरे-धीरे लक्ष्मणपुर का उच्चारण बदलकर लखनऊ हो गया। लेकिन आज के लखनऊ का जो स्वरूप हम देखते हैं, उसकी नींव 1775 ईस्वी में पड़ी। नवाब आसफउद्दौला ने लखनऊ को अवध की राजधानी बनाया और यहाँ कला, संस्कृति और तहजीब को नई ऊँचाइयाँ दीं।
लखनऊ सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक विरासत है। यहाँ की गलियाँ, बाजार, और लफ्ज़ों में भी एक अलग ही शान है। चाय के ढेले पर मिलने वाली मुलाकातें, नवाबी अंदाज़ का खाना, और उर्दू के शायराना अंदाज़ ने इस शहर को
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