लेबर का पहला चरण और शरीर में होने वाले बदलाव

गर्भावस्था के अंतिम दिनों में हर महिला के मन में डिलीवरी को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। लेबर या प्रसव का पहला चरण (फर्स्ट स्टेज) वह समय होता है जब मां का शरीर शिशु को जन्म देने के लिए तैयार हो रहा होता है। इस चरण की शुरुआत आमतौर पर पेट में हल्के या तेज संकुचन (कॉन्ट्रैक्शन) से होती है। यह संकुचन प्रसव से कुछ दिन पहले या कुछ घंटे पहले शुरू हो सकते हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि शिशु अब धीरे-धीरे जन्म नलिका (बर्थ कैनाल) की तरफ बढ़ रहा है।

जैसे-जैसे प्रसव का समय नजदीक आता है, शिशु का सिर नीचे की ओर खिसकने लगता है। इस प्रक्रिया में शिशु के सिर का पूरा दबाव मां की टेलबोन (रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से की छोटी हड्डी) पर पड़ता है। इस भारी दबाव के कारण गर्भवती महिला को पीठ के निचले हिस्से में बहुत तेज और असहनीय दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द सामान्य पीठ दर्द से अलग और अधिक गहरा होता है।

फर्स्ट स्टेज के दौरान गर्भाशय का मुंह (सर्विक्स) धीरे-धीरे चौड़ा और पतला होने लगता है ताकि बच्चा आसानी से बाहर आ सके। इस समय महिलाओं को बार-बार यूरिन जाने की इच्छा होना, पेट में मरोड़ उठना और बेचैनी महसूस हो सकती है। यह शरीर की एक प्राकृतिक और बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे समय में सही सांस लेने की तकनीक और सकारात्मक सोच मां को इस दर्द से निपटने में काफी मदद करती है।

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