वर्ण और वर्णमाला: भाषा की सबसे छोटी इकाई

जब भी हम किसी भाषा को बोलना या लिखना सीखते हैं, तो उसकी शुरुआत ध्वनियों से होती है। हिंदी व्याकरण में इन मूल ध्वनियों को वर्ण कहा जाता है। वर्ण को भाषा की सबसे छोटी इकाई माना जाता है, क्योंकि इसके और अधिक टुकड़े या खंड नहीं किए जा सकते। उदाहरण के लिए— अ, ई, क, ख, ग, च आदि सभी वर्ण के रूप में जाने जाते हैं।

वर्णों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता है: स्वर और व्यंजन। स्वर वे वर्ण हैं जिनका उच्चारण स्वतंत्र रूप से होता है, जैसे अ, आ, इ, ई। वहीं व्यंजन वे वर्ण होते हैं जिन्हें बोलने के लिए स्वरों की सहायता लेनी पड़ती है, जैसे क, ख, ग।

जब इन्हीं सभी वर्णों को एक व्यवस्थित और निश्चित क्रम में सजाकर लिखा जाता है, तो उस समूह को वर्णमाला कहते हैं। जिस प्रकार मोतियों को धागे में पिरोने से एक सुंदर माला बनती है, ठीक उसी तरह वर्णों के सही मेल से वर्णमाला का निर्माण होता है। हिंदी वर्णमाला को समझना किसी भी व्यक्ति के लिए भाषा को शुद्ध रूप से लिखने और बोलने की पहली सीढ़ी है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय