भारत में शासन व्यवस्था: राजा नहीं, जनता का राज
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि वर्तमान में भारत के राजा कौन हैं? ऐतिहासिक रूप से भारत राजा-महाराजाओं और विभिन्न राजवंशों की भूमि रहा है, इसलिए ऐसा सोचना स्वाभाविक है। लेकिन आज का वास्तविक सच इससे बिल्कुल अलग है।
भारत में अब राजतंत्र (Monarchy) का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। आज हमारा देश एक लोकतांत्रिक गणराज्य (Democratic Republic) है, जहाँ सत्ता किसी राजा के हाथ में नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के पास होती है। यहाँ 'राजा का बेटा ही राजा बनेगा' वाली व्यवस्था बीते जमाने की बात हो चुकी है और अब प्रजातंत्र (Democracy) ही सर्वोपरि है।
देश की शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सर्वोच्च पदों का प्रावधान है। भारतीय संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जबकि देश की वास्तविक कार्यपालिका शक्ति और सरकार की कमान प्रधानमंत्री के हाथों में होती है। उदाहरण के लिए, कुछ वर्ष पहले तक रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत थे और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे थे। समय के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और चुनावों के जरिए इन पदों पर प्रतिनिधि बदलते रहते हैं, जो यह साबित करता है कि देश की असली ताकत यहाँ की जनता के वोटों में है।
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