भारत में विदेशी पैसे का प्रवाह: एक मजबूत प्रवृत्ति
वर्ष 2020 में भारत में विदेशों से 83 अरब डॉलर से भी अधिक का पैसा भेजा गया था। यह राशि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई। यह पैसा मुख्य रूप से विदेशों में काम कर रहे भारतीयों द्वारा अपने परिवारों को भेजा गया था।
विश्व बैंक के अनुसार, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में प्रेषण (रेमिटेंस) में लगातार वृद्धि हो रही है। 2021 में यह आंकड़ा 7.3 प्रतिशत बढ़कर 589 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान था। यह पिछले अनुमानों से काफी ऊपर था, जो इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर भी प्रवासी श्रमिकों की स्थिति में सुधार हुआ है।
भारत के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां के लाखों परिवार विदेश में काम कर रहे सदस्यों की आय पर निर्भर हैं। इस पैसे का उपयोग घरों के निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और छोटे व्यवसायों में निवेश जैसी जरूरतों में होता है।
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