शादी में प्यार कितना जरूरी है?
शादी सिर्फ एक रस्म या कागज़ का टुकड़ा नहीं होती, यह दो दिलों का बंधन है। और इस बंधन की नींव में प्यार का होना बेहद ज़रूरी है। बिना प्यार के शादी सिर्फ एक सामाजिक फर्ज़ बनकर रह जाती है, जहाँ ज़िन्दगी भर दिखावे के पीछे अकेलापन छिपा रहता है।
प्यार वह ताकत है जो रिश्ते को मज़बूती देता है। जब दो लोग सच्चे दिल से एक-दूसरे के साथ होते हैं, तो छोटी-छोटी बातों में भी खुशी मिलती है। ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव में प्यार ही वह सहारा बनता है जो टूटने से रोकता है।मान लीजिए, दो लोग अच्छे परिवार, समाज और आर्थिक स्थिरता के आधार पर शादी करते हैं, लेकिन अगर उनके बीच प्यार नहीं है, तो धीरे-धीरे दूरियां बढ़ने लगती हैं। वो बातें जो दिल से नहीं होतीं, वो रिश्ते में खालीपन छोड़ देती हैं।
लेकिन याद रखिए, प्यार सिर्फ शुरुआत का नशा नहीं होता। यह एक रोज़ की चुनौती है, एक रोज़ की पसीने की तरह मेहनत।
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