शादी में आ रही है रुकावट? जानिए ज्योतिष के अनुसार क्यों देरी होती है
कई लोगों के लिए शादी एक सपना होती है, लेकिन कई बार यह सपना पूरा होने में देरी हो जाती है। ज्योतिष के अनुसार, इसके पीछे कई ग्रहों की स्थिति जिम्मेदार हो सकती है।
अगर केतु सातवें घर में उपस्थित हो, तो शादी में अड़चनें आ सकती हैं। सातवां घर विवाह और साझेदारी का प्रतीक है, और यहाँ केतु की उपस्थिति अक्सर अनिश्चितता और भ्रम पैदा करती है।
शनि, मंगल, राहु या सूर्य के सातवें या आठवें घर में संयुक्त रूप से उपस्थित होने पर भी विवाह में देरी होती है। विशेषकर जब शनि सातवें घर में हो, तो विवाह में लंबी देरी हो सकती है। शनि धैर्य और समय का कारक है, इसलिए वह कई बार विवाह को स्थगित कर देता है।
एक अन्य महत्वपूर्ण कारण मांगलिक दोष भी है। मंगल ग्रह की कुछ निश्चित स्थितियाँ जैसे मंगल का चतुर्थ, सप्तम, दशम या बारहवें घर में होना, विवाह में बाधा डाल सकती है। ऐसे लोगों को अक्सर
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