शादी का रोमांस कब शुरू हुआ?

आज जब हम वैलेंटाइन डे मनाते हैं, तो हमें अक्सर लगता है कि यह सिर्फ प्रेम पत्र और गुलाब का त्योहार है। लेकिन इसकी जड़ें गहरी हैं। प्रेम टोकन देना या वैलेंटाइन कार्ड भेजना मध्ययुगीन काल तक जाता है, जब लोग एक-दूसरे को नाजुक प्रेम पत्र लिखकर भावनाएं व्यक्त करते थे।

लेकिन आधुनिक समय में प्रेम आधारित शादी की अवधारणा तब उभरी जब 18वीं शताब्दी में समाज के नजरिए में बदलाव आया। उस दौर में लोगों को यह आजादी मिलने लगी कि वे अपने रोमांटिक भावनाओं के आधार पर जीवनसाथी चुन सकें। पहले शादी ज्यादातर व्यापार या परिवारों के बीच समझौता हुआ करती थी, लेकिन 1700 के दशक में यह बदलने लगा।

इंग्लैंड और यूरोप के कुछ हिस्सों में तो यह एक नई परंपरा बन गई—लोग प्रेम के नाम पर शादी करने लगे। धीरे-धीरे यह विचार फैला कि शादी सिर्फ फर्ज नहीं, बल्कि भावना और प्यार का बंधन भी हो सकती है।

आज जब कोई शादी प्रेम से शुरू होती है, तो

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