शादी से पहले और शादी के बाद का फर्क
शादी से पहले जो पल होते हैं, उनमें रोमांस, सपने और उम्मीदों की खुशबू समाई रहती है। हर छोटी बात खास लगती है – एक दूसरे की आदतें, पहनावा, तरीका बोलने का... सब कुछ मन को छू जाता है। लेकिन शादी के बाद समय बीतते ही हालात बदलने लगते हैं।
शुरुआती प्यार धीरे-धीरे आदतों की चक्की में पिसने लगता है।जो चीजें पहले प्यारी लगती थीं, वे ही अब परेशानी बन जाती हैं। एक दूसरे के तरीके, पहनावा, यहां तक कि बोलने का अंदाज़ भी कभी-कभी "फूहड़पन" लगने लगता है। छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ता है, और रातें गिनती हुई कमियों के साथ गुजर जाती हैं।
कई बार यहां तक हो जाता है कि दोनों एक दूसरे के प्रति उदासीन पड़ जाते हैं। शौक अलग होते हैं, रुचियां बदलती हैं, और धीरे-धीरे रास्ते भी अलग होने लगते हैं। प्यार की जगह निराशा और थकान ले लेती है।
लेकिन क्या यही अंत है?ज़रूरी नहीं। शादी में चुनौतियां तो आती ह
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