शिव और विष्णु के पिता कौन थे?
हिंदू धर्म में भगवान शिव और भगवान विष्णु को त्रिदेवों में प्रमुख स्थान दिया गया है। आमतौर पर माना जाता है कि भगवान शिव स्वयंभू हैं, यानी वे अजन्मा और अनदि हैं, जिनका न कोई आरंभ है और न ही अंत। इसी तरह, भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में पूजा जाता है और वे भी परम सत्य का स्वरूप हैं।
हालांकि, विभिन्न पुराणों में कथाएं थोड़ी भिन्न मिलती हैं। उदाहरण के लिए, शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव (सदाशिव) और पराशक्ति के योग से ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उत्पत्ति हुई मानी जाती है। वहीं विष्णु पुराण और भागवत पुराण में वर्णित है कि भगवान विष्णु की नाभि से निकले कमल पर ब्रह्मा जी प्रकट हुए और ब्रह्मा जी के भाल से रुद्र (शिव) का जन्म हुआ।
संक्षेप में कहें तो, साधारण मानवों की तरह उनके कोई सांसारिक पिता नहीं थे। वे अलौकिक और अजन्मा परमेश्वर के विभिन्न रूप माने जाते हैं।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।