शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलें?

शिवलिंग पर जल चढ़ाना शिव भक्तों की एक प्रमुख परंपरा है। यह क्रिया न सिर्फ आस्था की अभिव्यक्ति है, बल्कि आत्मशुद्धि और दैवीय कृपा पाने का माध्यम भी मानी जाती है। कई लोग पूछते हैं कि जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए।

इसके लिए एक प्रसिद्ध स्नान मंत्र है – “मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् । तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्”। इस मंत्र का अर्थ है कि जैसे मंदाकिनी (गंगा) का जल पवित्र और सभी पापों को दूर करने वाला है, वैसे यह जल भगवान शिव के स्नान के लिए समर्पित है।

जल चढ़ाते समय इसके बाद “श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः । स्नानीयं जलं समर्पयामि” भी बोला जाता है। इसका अर्थ है कि मैं इस पवित्र जल को भगवान शिव के स्नान के लिए अर्पित करता हूँ।

इन मंत्रों का उच्चारण करते समय मन में श्रद्धा और विनम्रता होनी चाहिए। यह जल केवल शिवलिंग को शीतल करने के लिए नहीं, बल्कि भक्त के हृदय की

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