शीतला माता और उनका ऐतिहासिक संबंध

शीतला माता के बारे में अक्सर लोग पूछते हैं कि उनका पति कौन है। वास्तव में, शीतला माता को गुरु द्रोणाचार्य की पत्नी कृपी (किरपाई) से जोड़ा जाता है। कृपी, जिन्हें कभी-कभी ललिता भी कहा जाता है, महाभारत काल की महान आध्यात्मिक विभूति थीं। वे एक गहरे तप और पवित्र जीवन की प्रतिनिधि थीं।

कहा जाता है कि वे दिल्ली के पास स्थित केशोपुर गाँव में रहती थीं। यहीं उनकी याद में शीतला माता मंदिर स्थापित किया गया, जो आज भी भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। कालांतर में कृपी की पूजा शीतला माता के रूप में होने लगी, जो बीमारियों, विशेषकर चेचक (चमड़ी के रोगों) से मुक्ति दिलाने वाली देवी मानी जाती हैं।

इस मंदिर के माध्यम से न सिर्फ़ धार्मिक भावना जुड़ी है, बल्कि इतिहास और संस्कृति की एक लंबी परंपरा भी जुड़ी है। लोग आज भी माता शीतला से स्वास्थ्य और शांति की कामना करने आते हैं। उनकी स्थापना कृपी के रूप में धार

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय