'श्रुति' शब्द का अर्थ और इसका महत्व
हिंदी साहित्य और वैदिक परंपरा में 'श्रुति' शब्द का एक बहुत ही विशेष और गहरा स्थान है। अंग्रेजी में इसके अर्थ को समझने के लिए इसके अलग-अलग संदर्भों को देखना जरूरी है। मुख्य रूप से, संज्ञा (Noun) के रूप में श्रुति का अंग्रेजी अर्थ 'Revelation' होता है, जिसका सीधा संबंध दिव्य ज्ञान या ईश्वर द्वारा प्रकट किए गए सत्य से है। भारतीय संस्कृति में यह मान्यता है कि यदि कभी श्रुति और स्मृति के विचारों में कोई विवाद या विरोधाभास उत्पन्न होता है, तो केवल श्रुति को ही अंतिम और सर्वमान्य माना जाएगा।
भाषा और ध्वनि के स्तर पर भी श्रुति से जुड़े कई खूबसूरत शब्द बने हैं:
जब कोई ध्वनि कानों को अत्यंत प्रिय और मीठी लगती है, तो उसे श्रुतिमधुर (Euphonic) कहा जाता है। किसी संगीत या वाणी को कानों के लिए सुखद बनाने की प्रक्रिया को अंग्रेजी में 'Euphonize' कहते हैं। इसके विपरीत, जब कानों को चुभने वाली या अप्रिय आवाज सुनाई देती है, तो उसे श्रुतिकटुत्व (Cacophony) कहा जाता है।
विज्ञान और शरीर रचना की दृष्टि से, हमारे कान के अंदर मौजूद उस खास हिस्से को, जो सुनने की क्षमता में मदद करता है, अंग्रेजी में 'Crista Acustica' (श्रुति स्थल) कहते हैं। इसके अलावा, भाषा विज्ञान में 'Real Segment' को हिंदी में श्रुतिग्राह्य खंड के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार, एक ही शब्द हमारे धर्म, संगीत, भाषा और विज्ञान से गहराई से जुड़ा हुआ है।
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