दुनिया के सबसे गैर-धार्मिक देश: एक दिलचस्प नजर डालिए
आज की भागदौड़ भरी दुनिया में जहाँ हर तरफ धर्म और आस्था की बातें होती हैं, वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जहाँ की बहुसंख्यक आबादी ईश्वर या संगठित धर्म से दूर रहना पसंद करती है। समाजशास्त्रियों और शोधकर्ताओं के अनुसार, दुनिया में कुछ ऐसे राष्ट्र हैं जहाँ नास्तिकों और अज्ञेयवादियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है।
इस सूची में स्वीडन और डेनमार्क जैसे स्कैंडिनेवियाई देश सबसे आगे आते हैं, जहाँ लगभग 45% से 85% तक की आबादी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं से अलग सोच रखती है। इसके अलावा, एशियाई देशों में वियतनाम और जापान का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वियतनाम में तो सर्वे के मुताबिक लगभग 81% लोग खुद को गैर-धार्मिक मानते हैं, जबकि जापान में भी यह आंकड़ा 64% से 65% के आसपास है। नॉर्वे भी इसी फेहरिस्त में शामिल है, जहाँ 31% से 72% लोग धर्म से परे जीवनशैली जीते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन देशों में उच्च स्तर की शिक्षा, मजबूत सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक जीवनशैली के कारण लोग पारंपरिक कर्मकांडों की बजाय व्यक्तिगत स्वतंत्रता और तार्किकता को अधिक महत्व देते हैं। यही वजह है कि इन समाजों में धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय बनकर रह गया है, न कि सार्वजनिक जीवन का केंद्र।
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