दुनिया की सबसे पुरानी और लगभग पूरी कुरान की पांडुलिपियां

दुनिया में सबसे पुरानी पूर्ण या लगभग पूर्ण कुरान की पांडुलिपियों के बारे में बात करते समय टोपकैपी पांडुलिपि (Topkapi Manuscript) और समरकंद कुफिक कुरान (Samarkand Kufic Quran) का नाम सबसे पहले आता है। इनमें से टोपकैपी पांडुलिपि को सबसे पुरानी 'लगभग पूरी' पांडुलिपि माना जाता है, जिसमें मूल कुरान का 99% से अधिक हिस्सा सुरक्षित है।

यह ऐतिहासिक पांडुलिपि तुर्की के इस्तांबुल स्थित टोपकैपी पैलेस संग्रहालय में रखी गई है। विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के अनुसार, यह पांडुलिपि 8वीं शताब्दी की शुरुआत (उमय्यद काल) की मानी जाती है। यद्यपि पारंपरिक रूप से इसे तीसरे खलीफा हज़रत उस्मान (रजि.) के संकलन से जोड़ा जाता था, लेकिन आधुनिक ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विश्लेषण दर्शाते हैं कि यह उनके कुछ समय बाद की है।

इसके अलावा, उज्बेकिस्तान के ताशकंद में रखी समरकंद पांडुलिपि भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, हालांकि इसमें कुरान का लगभग एक-तिहाई हिस्सा ही मौजूद है। दूसरी ओर, इंग्लैंड की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी में कुरान के सबसे पुराने पन्ने (बर्मिंघम पांडुलिपि) सुरक्षित हैं, जो पैगंबर मोहम्मद के जीवनकाल के समय (568–645 ईस्वी) के हैं, परंतु वे पूरे ग्रंथ के बजाय केवल कुछ पन्नों का हिस्सा हैं।

इस प्रकार, यदि सबसे पुरानी लगभग पूरी कुरान की बात की जाए, तो इस्तांबुल की टोपकैपी पांडुलिपि ही सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक प्रमाण मानी जाती है।

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