भारत का स्वर्ग: मवाल्यान्नँग गाँव
क्या आपने कभी किसी ऐसे स्थान के बारे में सोचा है जहाँ कदम रखते ही ऐसा लगे कि आप किसी परीकथा में आ गए हैं? भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में स्थित मवाल्यान्नँग (Mawlynnong) एक ऐसा ही अनोखा और जादुई गाँव है। इसे न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया का सबसे साफ और सुंदर गाँव होने का गौरव प्राप्त है। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और बेमिसाल स्वच्छता के कारण इस गाँव को 'भगवान का अपना बगीचा' भी कहा जाता है।
शिलांग से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह छोटा सा गाँव अपनी अद्भुत संस्कृति और जीवनशैली के लिए जाना जाता है। यहाँ के लोग स्वच्छता को केवल एक आदत नहीं, बल्कि अपने धर्म की तरह मानते हैं। गाँव की सड़कों पर आपको कहीं भी प्लास्टिक या कचरा नजर नहीं आएगा। हर कोने पर बाँस से बने डस्टबिन रखे होते हैं, और इकट्ठा किए गए कचरे से जैविक खाद तैयार की जाती है। यहाँ के घरों के आस-पास खिले रंग-बिरंगे फूल और चारों ओर फैली हरियाली किसी का भी मन मोह लेती है।
मवाल्यान्नँग में साक्षरता दर 100% है और यहाँ खासी जनजाति के लोग रहते हैं, जो मातृसत्तात्मक समाज का पालन करते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए 'लिविंग रूट ब्रिज' (Living Root Bridge) और बाँस से बना ऊँचा 'स्काई व्यू पॉइंट' मुख्य आकर्षण हैं, जहाँ से बांग्लादेश की सीमा भी दिखाई देती है। यदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर शांति और शुद्ध हवा की तलाश में हैं, तो मवाल्यान्नँग गाँव की यात्रा आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित होगी।
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