संस्कृत: सभी भाषाओं की माँ

अक्सर लोग पूछते हैं कि दुनिया की सभी भाषाओं की जननी कौन है? बहुतों का मानना है कि यह संस्कृत ही है — एक ऐसी भाषा जो न केवल प्राचीन है, बल्कि अत्यंत समृद्ध और व्यवस्थित भी है।

हजारों साल पहले भी संस्कृत भारत की प्रमुख भाषा थी। यह वेदों, उपनिषदों और महाकाव्यों जैसे रामायण और महाभारत की भाषा रही है। लेकिन इसका प्रभाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। यूरोप के भाषाविदों ने भी बाद में पाया कि लैटिन, ग्रीक और यहाँ तक कि अंग्रेजी जैसी भाषाओं में संस्कृत के शब्दों और व्याकरण का गहरा प्रभाव है।

संस्कृत ने हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल और कई अन्य भारतीय भाषाओं को शब्द और संरचना दी है। यहाँ तक कि आधुनिक शब्दों के मूल में भी अक्सर संस्कृत का ही छाप दिखाई देता है।

इसलिए, चाहे विज्ञान हो, दर्शन हो या साहित्य, संस्कृत ने मानव विचार के हर क्षेत्र में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। यही कारण है कि इसे दुनिया की अनेक

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय