स्वर्ग की दूरी कितनी है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि स्वर्ग कितना दूर है, मानो कोई भौतिक स्थान हो जहाँ जाने के लिए दूरी नापी जा सके। लेकिन सच तो यह है कि स्वर्ग, बैकुंठ या मोक्ष कोई ऐसी जगह नहीं जहाँ पहुंचने के लिए सिर्फ दूरी तय करनी हो। जो व्यक्ति सतकर्म करता है, भगवान की भक्ति में लगा रहता है और पवित्र मन से जीता है, केवल वही इस सात्विक लोक को प्राप्त कर पाता है

शास्त्रों में बताया गया है कि सत्यलोक से लेकर बैकुंठ लोक तक की दूरी लगभग दो करोड़ 62 लाख योजन की है। यह दूरी भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के स्तरों को दर्शाती है। बैकुंठ लोक वह स्थान है जहां भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी निवास करते हैं, और उनके दर्शन के लिए मनुष्य को स्वयं को पवित्र और निष्काम बनाना पड़ता है।

इसलिए, स्वर्ग या बैकुंठ तक पहुंचने की असली दूरी मन की शुद्धि, भक्ति और निष्काम कर्म से तय होती है। यह यात्रा किलोमीटर या योजन में नहीं, बल्कि आत्मा की उ

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