यीशु मसीह ने पाप और मृत्यु से हमें कैसे बचाया?
हम में से हर कोई कभी न कभी इस सवाल के सामने खड़ा होता है—पाप और मृत्यु से हमारी रक्षा कौन करेगा? बाइबल हमें एक स्पष्ट उत्तर देती है। परमेश्वर ने हमें यीशु मसीह के माध्यम से बचाया, क्योंकि वह हर एक इंसान से अपार प्रेम करता है। यूहन्ना 3:16 में कहा गया है, "ईश्वर ने इतना प्रेम किया कि उसने अपने एकलौते पुत्र को भेजा, ताकि जो कोई भी उस पर विश्वास करे, वह न तो नष्ट हो और न ही मृत्यु के डर में जीए, बल्कि अनंत जीवन पाए।"
यीशु ने न केवल अपने जीवन के माध्यम से हमें माफी और उद्धार दिया, बल्कि वह हमारे लिए प्रार्थना भी करते हैं। यूहन्ना 17 में उल्लेख है कि यीशु ने अपने पिता से प्रार्थना की—हमें बुराई से बचाया जाए और हम सभी उसके साथ एक हों। यह प्रेम आज भी जीवित है।
हम जहाँ भी हों, चाहे डर में हों या अपराधबोध में, यीशु का संदेश स्पष्ट है—तुम अकेले नहीं हो। उन्होंने मृत्यु पर विजय पाई और हमें भी जीवन की ओर ले
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