क्या हवाई जहाज में पैराशूट होने चाहिए?
कई बार लोग सोचते हैं कि अगर हवाई जहाज में आपातकाल आ जाए, तो क्यों न यात्रियों को पैराशूट दिए जाएं? यह विचार लॉजिकल लगता है, लेकिन वास्तविकता में यह बेहद खतरनाक और अव्यावहारिक है।
सबसे पहली बात – विमान में सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि पायलट के लिए भी पैराशूट नहीं होते। अगर पायलट के पास पैराशूट होता, तो आपातकाल में वह जहाज छोड़कर कूद सकता था। लेकिन ऐसा होने से बचाव के लिए उस पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता। एक पायलट का कर्तव्य अंत तक जहाज को संभालना होता है, न कि खुद बचना।
दूसरा, पैराशूट का इस्तेमाल करना इतना आसान नहीं है जितना फिल्मों में दिखाया जाता है। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण, उच्च ऊंचाई पर शांत रहने की क्षमता, और तेज गति में उछलने की तैयारी चाहिए। एक सामान्य यात्री ऐसा नहीं कर पाएगा।
इसके अलावा, विमान आमतौर पर 30,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं, जहां ऑक्सीजन की कमी
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