क्या पीरियड के बाद लड़कियां बढ़ती हैं? (विशेषज्ञ विश्लेषण - भाग 1)
किशोरावस्था (Puberty) के दौरान लड़कियों के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं।
प्यूबर्टी और लंबाई की रफ्तार का सच
लड़कियों में किशोरावस्था की शुरुआत आमतौर पर 8 से 13 वर्ष की आयु के बीच होती है।
ग्रोथ स्पर्ट (Growth Spurt): पीरियड्स शुरू होने से ठीक एक या दो साल पहले लड़कियों की लंबाई बहुत तेजी से बढ़ती है।
इसे मेडिकल भाषा में 'ग्रोथ स्पर्ट' कहा जाता है। हार्मोनल प्रभाव:
जब शरीर में हार्मोनल बदलाव चरम पर होते हैं, तो हड्डियों के ग्रोथ प्लेट्स (Growth Plates) पर इनका असर पड़ता है। यही वजह है कि किशोरावस्था की शुरुआत में बच्चियों का कद अचानक लंबा दिखने लगता है।
क्या पीरियड्स के बाद लंबाई बिल्कुल नहीं बढ़ती?
यह एक बहुत बड़ा मिथक है कि पहला पीरियड आते ही हाइट पर फुलस्टॉप लग जाता है। बाल रोग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीरियड्स शुरू होने के बाद भी लड़कियों की लंबाई में बढ़ोतरी होती है, हालांकि इसकी रफ्तार काफी धीमी हो जाती है।
कितनी बढ़ती है हाइट:
आमतौर पर पहले पीरियड के आने के बाद लड़कियां 1 से 2 इंच (लगभग 2 से 5 सेंटीमीटर) तक और लंबी हो सकती हैं। समय सीमा: अधिकांश लड़कियां अपने पहले पीरियड के आने के बाद अगले 1 से 2 साल तक ही थोड़ा और बढ़ती हैं।
इसके बाद उनकी skeletal maturity (हड्डियों का पूर्ण विकास) पूरी हो जाती है और ग्रोथ प्लेट्स बंद हो जाती हैं।
हाइट को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
किसी भी लड़की की अंतिम लंबाई (Adult Height) केवल पीरियड्स पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके पीछे कई अन्य महत्वपूर्ण कारक जिम्मेदार होते हैं:
जेनेटिक्स (आनुवंशिकी): माता-पिता की लंबाई कैसी है, यह सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
यदि परिवार में लंबा कद का इतिहास है, तो बच्ची की लंबाई भी उसी के अनुरूप बढ़ती है। पोषण और खान-पान:
शरीर के सही विकास के लिए विटामिन डी, कैल्शियम, प्रोटीन और संतुलित आहार की बहुत आवश्यकता होती है। कुपोषण या कमजोरी से ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
(नोट: इस लेख के अगले भाग में हम जानेंगे कि पीरियड्स के बाद हाइट बढ़ाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन परिस्थितियों में डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है।)
क्या आप इस विषय के दूसरे भाग को पढ़ना चाहेंगे जिसमें पोषण और व्यायाम से जुड़ी जानकारी शामिल हो?
पीरियड के बाद लंबाई बढ़ाने के और शारीरिक विकास को सही दिशा देने के उपाय
लड़कियों में पहले पीरियड (मिनार्की) के बाद भी लंबाई बढ़ने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं होती, बल्कि इसकी गति धीमी जरूर हो जाती है।
1. पोषण से भरपूर संतुलित आहार
कैल्शियम और विटामिन डी: हड्डियों को मजबूत बनाने और उनके विकास के लिए दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां बेहद जरूरी हैं।
प्रोटीन की सही मात्रा: दालें, पनीर, अंडे और सोयाबीन जैसे प्रोटीन स्रोत मांसपेशियों और ऊतकों के विकास में मदद करते हैं।
पर्याप्त पानी: शरीर के मेटाबोलिज्म को सक्रिय रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
2. शारीरिक सक्रियता और व्यायाम
स्ट्रेचिंग और योग: ताड़ासन, भुजंगासन और हैंगिंग (लटकने वाले व्यायाम) रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने और लंबाई बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं।
खेलकूद और आउटडोर गतिविधियां: साइकिल चलाना, तैराकी या बास्केटबॉल खेलने से पूरी बॉडी का वर्कआउट होता है, जो ग्रोथ हॉर्मोन्स को estimular (उत्प्रेरित) करता है।
3. पर्याप्त नींद और विश्राम
ग्रोथ हॉर्मोन मुख्य रूप से गहरी नींद के दौरान ही स्रावित होते हैं। इसलिएशोभा और किशोरावस्था में हर रोज कम से कम 8 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना शारीरिक विकास के लिए अनिवार्य है।
विशेष टिप: हर लड़की की शारीरिक बनावट, जेनेटिक्स (अनुवांशिकता) और हॉर्मोनल साइकिल अलग होती है, इसलिए लंबाई या विकास की तुलना दूसरों से न करें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि हाइट बढ़ाने में जेनेटिक्स यानी अनुवांशिकी की कितनी भूमिका होती है?
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