सगाई तोड़ने पर क्या होता है?

सगाई एक सामाजिक और भावनात्मक बंधन है, लेकिन भारत में कानूनी तौर पर यह शादी जैसा बंधन नहीं माना जाता। फिर भी, अगर सगाई के बाद कोई तरफ से शादी के वादे को तोड़ देता है, तो इसके परिणाम हो सकते हैं।

एक अहम फैसले में, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर लड़की के परिवार ने सगाई के बाद शादी की तैयारी में धन खर्च किया है — जैसे बरात बुलाना, कपड़े खरीदना, या अन्य सामाजिक आयोजन — और लड़के की तरफ से अचानक शादी से मना कर दिया जाता है, तो उस खर्च की भरपाई लड़के के परिवार को करनी पड़ सकती है।

2016 में एक मामले में, न्यायालय ने आदेश दिया कि लड़के के परिवार को शादी की तैयारियों में लड़की के पक्ष द्वारा किए गए खर्च की भरपाई करनी होगी। यह फैसला धोखाधड़ी और भावनात्मक दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से आया था।

हालाँकि, ऐसे मामलों में सबूत जरूरी होते हैं। खर्च के दस्तावेज, गवाह या फोटो सबूतों के आधार

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