भारत का गेहूं निर्यात और वैश्विक बाजार पर इसका असर

जब भी वैश्विक कृषि बाजार की बात आती है, भारत की भूमिका हमेशा अहम होती है। क्या भारत गेहूं का एक बड़ा निर्यातक है? इसका सीधा जवाब यह है कि भारत पारंपरिक रूप से दुनिया के सबसे बड़े गेहूं निर्यातकों में शामिल नहीं है, क्योंकि यहां का अधिकांश उत्पादन घरेलू खपत के लिए इस्तेमाल होता है।

हालांकि, इसके बावजूद भारत के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। कुछ समय पहले जब भारत ने गेहूं के निर्यात को लेकर पाबंदियां लगाई थीं, तो इसने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल मचा दी थी। शिकागो बेंचमार्क गेहूं सूचकांक में लगभग 6% की अचानक वृद्धि दर्ज की गई थी।

इस फैसले के कारण दुनिया भर में गेहूं की कीमतों पर सीधा असर पड़ा। कई प्रमुख किस्मों के दाम लगातार कई दिनों तक बढ़ते रहे और 17 से 18 मई के दौरान कीमतें अपने चरम पर पहुंच गई थीं। यह घटना साबित करती है कि भले ही भारत मुख्य निर्यातक न हो, लेकिन वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बाजार के संतुलन में उसकी स्थिति कितनी संवेदनशील है।

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