फुटबॉल किसने शुरू किया: एक व्यापक ऐतिहासिक यात्रा (पहला भाग)

आज दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद और खेले जाने वाले खेल फुटबॉल (Football) की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। हर महाद्वीप, हर देश और करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुका यह 'खूबसूरत खेल' (The Beautiful Game) आज भले ही आधुनिक नियमों, शानदार स्टेडियमों और ग्लोबल स्टार्स के साथ खेला जाता हो, लेकिन इसकी जड़ें इतिहास के पन्नों में बहुत गहरी और रोमांचक हैं। जब हम यह सवाल पूछते हैं कि "फुटबॉल किसने शुरू किया?", तो इसका कोई एक सीधा जवाब या एक व्यक्ति का नाम सामने नहीं आता। इस खेल की शुरुआत और विकास क्रमिक रूप से सदियों के सफर तय करते हुए हुआ है।

प्राचीन काल और फुटबॉल के शुरुआती रूप

फुटबॉल के इतिहास को खंगालने पर यह पता चलता है कि आज की तरह गोलपोस्ट और नियमों वाला फुटबॉल भले ही बाद में बना हो, लेकिन पैर से गेंद को ठोकर मारकर खेलने वाले खेल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हजारों साल पहले से खेले जाते रहे हैं।

  • चीन का 'चुजू' (Cuju): फीफा (FIFA) यानी फेडरेशन इंटरनेशनल डी फुटबॉल एसोसिएशन के अनुसार, आधुनिक फुटबॉल का शुरुआती और प्राचीन रूप चीन में मिलता है। ईसा पूर्व दूसरी से तीसरी शताब्दी के दौरान हान राजवंश (Han Dynasty) के शासनकाल में 'चुजू' नाम का एक खेल खेला जाता था। चीनी भाषा में 'चु' का अर्थ पैर से गेंद मारना और 'जू' का अर्थ चमड़े की गेंद होता है। इस खेल में बालों और पंखों से भरी चमड़े की गेंद को एक छोटे से छेद में पहुंचाना होता था।

  • जापान का 'केमरी' (Kemari): जापान में भी हेइयान काल के दौरान ऐसा ही एक खेल खेला जाता था जिसे 'केमरी' कहा जाता था। यह एक धार्मिक और दरबारी उत्सव का हिस्सा था जिसमें खिलाड़ी एक घेरे में खड़े होकर गेंद को जमीन पर गिराए बिना आपस में पैरों से पास करते थे।

  • ग्रीस और रोम की सभ्यताएं: प्राचीन यूनान (Greece) में 'हारपास्टोन' (Harpastum) नाम का एक खेल खेला जाता था, जिसमें ताकत और रणनीति का इस्तेमाल करके गेंद को विरोधी पाले में ले जाना होता था। रोमन साम्राज्य ने भी इसे अपनाया और पूरे यूरोप में इसका प्रचार-प्रसार किया।

मध्यकालीन यूरोप और इंग्लैंड में 'मॉब फुटबॉल'

यद्यपि एशिया में प्राचीन खेल मौजूद थे, लेकिन आज के आधुनिक फुटबॉल का सीधा ढांचा यूरोप, विशेषकर ब्रिटेन (इंग्लैंड) से उपजा माना जाता है। मध्य युग (Middle Ages) के दौरान इंग्लैंड में एक बेहद खुरदरा और अनियंत्रित खेल खेला जाता था जिसे 'मॉब फुटबॉल' (Mob Football) कहा जाता था।

इसमें दो गांवों या कस्बों के सैकड़ों लोग एक सुअर के मूत्राशय (Bladder) से बनी गेंद को अपने-अपने गांव की सीमा तक पहुंचाने के लिए संघर्ष करते थे। इस खेल में कोई नियम नहीं होता था, जिसके कारण अक्सर दंगे जैसे हालात बन जाते थे, लोगों को चोटें लगती थीं और कई बार तो इस पर प्रतिबंध तक लगाने पड़े थे।

समय के साथ राजाओं और शासकों ने इस अराजक खेल पर लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन जनता के बीच इसका क्रेज कम नहीं हुआ। धीरे-धीरे इसे एक अनुशासित रूप देने की प्रक्रिया शुरू हुई जो आगे चलकर आधुनिक फुटबॉल के रूप में विकसित हुई।

History of Football in Hindi | Mind Wars

यह वीडियो फुटबॉल के इतिहास, उसकी उत्पत्ति और इस खेल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को संक्षेप में समझने के लिए बेहद उपयोगी है।