सुरेश रैना और आईपीएल: किस टीम ने खरीदा था 'चिन्ना थाला' को? (विशेष लेख - भाग 1)

भारतीय क्रिकेट इतिहास और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सुनहरे पन्नों जब भी बात आती है, तो सुरेश रैना का नाम सबसे ऊपर गिने जाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में आता है। बाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज को प्यार से पूरी दुनिया और खासकर चेन्नई के फैंस 'चिन्ना थाला' के नाम से पुकारते हैं। आईपीएल के शुरुआती दौर से ही इस टूर्नामेंट की चमक बढ़ाने वाले सुरेश रैना का सफर अपने आप में एक मिसाल रहा है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह सवाल हमेशा से रहा है कि अपने आईपीएल करियर के दौरान सुरेश रैना को किस-किस टीम ने खरीदा और उनका फ्रेंचाइजी सफर कैसा रहा? आइए इस लेख के पहले भाग में विस्तार से जानते हैं कि आईपीएल की शुरुआत से लेकर उनके आखिरी पड़ाव तक उन्हें किन टीमों ने अपने साथ जोड़ा।

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ ऐतिहासिक शुरुआत (2008)

जब साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आगाज हुआ था, तब खिलाड़ियों की नीलामी (Auction) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) फ्रेंचाइजी ने युवा और प्रतिभाशाली सुरेश रैना पर बड़ा दांव खेलते हुए उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। उस समय चेन्नई की टीम ने रैना को 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा था। यहीं से शुरू हुआ वह रिश्ता जो आगे चलकर आईपीएल के इतिहास का सबसे मजबूत बंधन बन गया।

सीएसके के लिए खेलते हुए रैना ने लगातार अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि फ्रेंचाइजी का उनपर भरोसा करना बिल्कुल सही था। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स के लिए रैना मध्यक्रम (Middle Order) की रीढ़ बन चुके थे। उन्होंने साल 2008 से लेकर 2015 तक लगातार चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार पारियां खेलीं और टीम को कई मुकाबलों में अपने दम पर जीत दिलाई। इस दौरान उनकी बल्लेबाजी, तूफानी फील्डिंग और जरूरत पड़ने पर उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी ने सीएसके को आईपीएल की सबसे सफल टीमों में खड़ा कर दिया।

गुजरात लॉयंस (Gujarat Lions): जब चेन्नई पर लगा प्रतिबंध (2016-2017)

आईपीएल के इतिहास में साल 2015 के बाद बड़ा मोड़ तब आया जब स्पॉट-फिक्सिंग विवाद के चलते चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचाइजी को दो साल के लिए निलंबित (Ban) कर दिया गया। इन दो वर्षों (2016 और 2017) के लिए दो नई टीमों को शामिल किया गया, जिनमें से एक थी गुजरात लॉयंस (Gujarat Lions)।

चूंकि चेन्नई की टीम उस समय टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं थी, इसलिए गुजरात लॉयंस ने साल 2016 की नीलामी और ड्राफ्ट में सुरेश रैना को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया। गुजरात लॉयंस ने उन्हें 12.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा था। यह पहला मौका था जब आईपीएल इतिहास में रैना ने सीएसके की जर्सी के अलावा किसी अन्य टीम की कप्तानी संभाली और मैदान पर उतरे। इन दो सालों में भी रैना का बल्ला खूब गरजा और उन्होंने अपनी कप्तानी में गुजरात की टीम को कई बेहतरीन मुकाबले जिताए, हालांकि पीली जर्सी (CSK) के प्रति उनका लगाव जगजाहिर था।

आईपीएल करियर का अहम मोड़ और गुजरात लायंस का सफर

जब बात इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास की आती है, तो चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के अलावा सुरेश रैना के करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा रहा है। साल 2016 और 2017 में जब चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी को दो साल के लिए निलंबित किया गया था, तब गुजरात लायंस (Gujarat Lions) की टीम ने 'मिस्टर आईपीएल' कहे जाने वाले सुरेश रैना को अपनी टीम का कप्तान बनाकर खरीदा था। इस नई जिम्मेदारी के दौरान भी रैना ने अपनी शानदार कप्तानी और बेहतरीन बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया कि वह दबाव की परिस्थितियों में टीम को आगे ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

नीलामी के आखिरी पड़ाव और संन्यास का फैसला

अपने करियर के अंतिम चरणों में, साल 2022 की मेगा नीलामी में जब रैना का बेस प्राइस दो करोड़ रुपये था, तब किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन पर दांव नहीं लगाया और वह अनसोल्ड (Unsold) रह गए। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया, लेकिन फैंस के दिलों में उनका वह ऐतिहासिक योगदान हमेशा अमर रहेगा, जो उन्होंने मुख्य रूप से चेन्नई सुपर किंग्स और कुछ समय के लिए गुजरात लायंस की जर्सी पहनकर मैदान पर दिया था।

विशेष टिप: सुरेश रैना का आईपीएल सफर इस बात का प्रमाण है कि एक खिलाड़ी अपनी निष्ठा और निरंतर प्रदर्शन से कैसे किसी फ्रेंचाइजी का पर्याय बन सकता है।

क्या आप सुरेश रैना के कप्तानी रिकॉर्ड या उनके द्वारा बनाए गए अन्य ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?