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बिहार का सबसे छोटा जिला कौन सा है? – एक विस्तृत परिचय
भारत का पूर्वी राज्य बिहार अपनी समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विविधता और राजनीतिक चेतना के लिए पूरे देश में विशेष स्थान रखता है।
क्षेत्रफल के आधार पर सबसे छोटा जिला: शिवहर
क्षेत्रफल (Area) के दृष्टिकोण से बिहार का सबसे छोटा जिला शिवहर (Sheohar) है।
कुल क्षेत्रफल:
शिवहर जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 443 वर्ग किलोमीटर है। भौगोलिक स्थिति:
यह जिला उत्तर बिहार के तिरहुत प्रमंडल के अंतर्गत आता है। अपनी बेहद कॉम्पैक्ट और छोटी भौगोलिक सीमा के कारण यह पूरे राज्य में विशिष्ट पहचान रखता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गठन
शिवहर हमेशा से एक स्वतंत्र जिला नहीं था। प्रशासनिक सुगमता और स्थानीय विकास की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, इसे एक स्वतंत्र जिले का दर्जा दिया गया था:
पूर्ववर्ती जिला: ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र सीतामढ़ी जिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था।
गठन की तिथि: इसे 6 अक्टूबर 1994 को सीतामढ़ी से अलग करके बिहार का 38वां (तत्कालीन गणना के अनुसार) नया जिला बनाया गया।
प्रशासनिक संरचना: क्षेत्रफल में छोटा होने के बावजूद प्रशासनिक रूप से इस जिले में एक अनुमंडल (Sub-division) और कुल 5 प्रखंड (Blocks) शामिल हैं।
भौगोलिक और जनसांख्यिकीय विशेषताएं
शिवहर जिला चारों तरफ से उत्तर बिहार की उपजाऊ नदियों और हरियाली से घिरा हुआ है। यहाँ की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ है, जिसके कारण कृषि यहाँ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। धान, गेहूं और मक्का यहाँ की प्रमुख फसलें हैं।
जनसंख्या के मामले में भी यह जिला मध्यम आकार की आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ ग्रामीण संस्कृति और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। यहाँ के लोग अपनी सादगी और समृद्ध लोक संस्कृति के लिए जाने जाते हैं।
यह वीडियो बिहार के सबसे छोटे और घनी आबादी वाले जिले शिवहर के बारे में संक्षिप्त और रोचक तथ्य प्रस्तुत करता है।
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