रूस में चावल की खेती: प्रमुख क्षेत्र और आधुनिक तकनीक (दूसरा भाग)
प्रमुख उत्पादक क्षेत्र: क्रास्नोडार क्राय की मुख्य भूमिका
रूस में चावल के उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र क्रास्नोडार क्राय (Krasnodar Krai) क्षेत्र है। यहाँ की भौगोलिक स्थिति और जलवायु भूमध्यसागरीय और महाद्वीपीय प्रभावों का एक अनूठा मिश्रण पेश करती है, जो चावल के लिए बेहद अनुकूल है। अकेले क्रास्नोडार क्षेत्र में देश के कुल चावल उत्पादन का लगभग दो-तिहाई या उससे अधिक हिस्सा पैदा होता है। इसके अलावा रोस्तोव क्षेत्र, दागिस्तान, चेचेन गणराज्य और प्रिमोर्स्की क्राय (सुदूर पूर्व) में भी सीमित पैमाने पर चावल उगाया जाता है।
उन्नत तकनीक और जलवायु अनुकूल किस्में
रूस ने ठंडे मौसम और कम धूप वाले दिनों की चुनौती से निपटने के लिए कृषि विज्ञान में भारी निवेश किया है। यहाँ मुख्य रूप से जैपोनिका (Japonica) किस्म के गोल और नरम चावल उगाए जाते हैं, जो एशियाई बाजारों और घरेलू मांग दोनों के लिए उपयुक्त हैं। रूसी कृषि वैज्ञानिकों ने ऐसी विशेष किस्में विकसित की हैं जो कम समय में पक जाती हैं और कम तापमान या मिट्टी की लवणता को सहन कर सकती हैं।
सिंचाई प्रणालियाँ: चूंकि चावल को अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए रूस ने क्यूबन नदी (Kuban River) और अन्य जल स्रोतों से जुड़ी जटिल सिंचाई और नहर प्रणालियों का विकास किया है।
फसल चक्र (Crop Rotation): भूमि की उर्वरता बनाए रखने और कीटों से बचाव के लिए रूसी किसान वैज्ञानिक फसल चक्र अपनाते हैं। वे लगातार चावल उगाने के बजाय खेतों में सोयाबीन या गेहूं जैसी फसलें भी उगाते हैं।
आर्थिक महत्व और भविष्य की दिशा
हाल के वर्षों में रूसी सरकार की कृषि नीतियों और आधुनिकीकरण के चलते देश का चावल उत्पादन रिकॉर्ड स्तर (लगभग 1.2 मिलियन टन से अधिक) पर पहुँच गया है। रूस न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि मध्य एशिया और पड़ोसी देशों को भी चावल का निर्यात कर रहा है।
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