0 से 9 तक अंकों का आविष्कार: भारत की अमूल्य देन
0 से 9 तक के अंकों का उपयोग आज हर जगह होता है—गिनती में, कैलकुलेशन में, यहां तक कि फोन नंबर में भी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन अंकों की अवधारणा में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही?
अलग-अलग सभ्यताओं जैसे बेबीलोनियन, चीनी और एज़टेक ने संख्याओं को दर्शाने के तरीके विकसित किए। लेकिन 7वीं शताब्दी तक, भारतीय गणितज्ञों ने एक क्रांति ला दी। उन्होंने दशमलव प्रणाली, यानी आधार दस पर आधारित स्थितीय संकेतन को पूरा किया।
इस प्रणाली में, केवल दस प्रतीकों (0 से 9 तक) का उपयोग करके किसी भी संख्या को लिखा जा सकता था। सबसे खास बात यह थी कि शून्य (0) की अवधारणा भारत में ही विकसित हुई, जो आधुनिक गणित की नींव बनी।
भारत के इस योगदान को दुनियाभर में मान्यता मिली। बाद में यह प्रणाली अरब देशों के माध्यम से यूरोप पहुंची और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में मानक बन गई।
आज जब भी हम 0 से 9 तक के अंकों का
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