1 डिग्री = 60 मिनट – कैसे?

कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर 1 डिग्री को 60 मिनट क्यों माना जाता है? यहाँ 'मिनट' का मतलब समय नहीं, बल्कि कोण के मापन से है। चाप या कोण को मापते समय, हम डिग्री के साथ-साथ छोटे इकाइयों का उपयोग करते हैं। इसीलिए 1 डिग्री को 60 बराबर भागों में बाँटा गया है, जिन्हें चाप-मिनट कहा जाता है। प्रत्येक चाप-मिनट को आगे 60 छोटे भागों में बाँटा जाता है, जिन्हें चाप-सेकंड कहते हैं।

यह प्रणाली DMS नोटेशन (डिग्री-मिनट-सेकंड) कहलाती है। यह नामकरण समय की इकाइयों से मिलता-जुलता है, लेकिन यहाँ यह कोण के मापन से जुड़ा है, घड़ी से नहीं। उदाहरण के लिए, 30° 15′ 30″ का मतलब है 30 डिग्री, 15 चाप-मिनट और 30 चाप-सेकंड।

यह प्रणाली प्राचीन बेबीलोनियाई छहसौलवाली (सेक्साजेसिमल) प्रणाली पर आधारित है, जिसमें 60 को आधार संख्या माना जाता था। इसी वजह से न तो घंटे में 100 मिनट होते हैं, बल्कि 60 होते हैं, और न ही डिग्री में 100 म

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