मूलांक 1: सूर्य का प्रभाव और व्यक्तित्व

अंकशास्त्र में मूलांक 1 का विशेष महत्व है। यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 बनता है। इस मूलांक का स्वामी ग्रह सूर्य है, जिसे ज्योतिष में ऊर्जा, आत्मा और जीवन शक्ति का कारक माना जाता है। यही कारण है कि इस अंक से प्रभावित लोगों में एक अलग ही चमक और आत्मविश्वास देखने को मिलता है।

मूलांक 1 वाले व्यक्तियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी ईमानदारी, दृढ़ निश्चय और सृजनशीलता होती है। ये लोग स्वतंत्र विचारों के होते हैं और किसी के अधीन रहकर काम करना पसंद नहीं करते। इनमें जन्मजात नेतृत्व क्षमता (Leadership Quality) होती है, जिसके बल पर ये किसी भी क्षेत्र में मार्गदर्शन करने और आगे बढ़ने का हुनर रखते हैं। जोखिम उठाने से न डरना और नए विचारों पर काम करना इनकी पहचान है।

हालांकि, सूर्य का तेज कभी-कभी स्वभाव में नकारात्मक प्रभाव भी ला सकता है। अत्यधिक स्वाभिमान की वजह से इनमें अहंकार और हठ (ज़िद) देखने को मिल सकता है। कई बार अपनी बात पर अड़े रहने के कारण इन्हें दूसरों के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ी कठिनाई होती है। यदि मूलांक 1 के लोग अपने स्वभाव में थोड़ा धैर्य और नम्रता शामिल कर लें, तो वे जीवन में सफलता के नए शिखरों को छू सकते हैं।

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