दस पतियों वाली स्त्री कौन थी?

मारिषा वह वृक्ष कन्या थीं, जिनका विवाह एक साथ दस प्रचेताओं से हुआ था। यह कथा पुराणों में मिलती है। प्रचेता धरती के दस पुत्र थे, जो बहुत समय तक तपस्या में लीन रहे। इस दौरान जंगल घना हो गया और धीरे-धीरे उनके प्रजा के लिए जगह नहीं बची। इसीलिए चंद्रमा ने उनकी प्रजा के लिए कन्या की व्यवस्था की।

चंद्रमा ने एक वृक्ष से उत्पन्न कन्या को ढूंढा, जिसका नाम था मारिषा। वह यक्षों की बहन भी मानी जाती थीं। चंद्रमा ने उनका विवाह दसों प्रचेताओं से करा दिया। इस वजह से वह प्रचेती या प्रचीती कहलाने लगीं।

एक अद्भुत तथ्य यह है कि मारिषा के गर्भ से दक्ष प्रजापति का जन्म हुआ। उन्होंने चंद्रमा और प्रचेताओं दोनों के तेज से जन्म लिया था। दक्ष प्रजापति को बाद में बहुत महत्वपूर्ण स्थान मिला, खासकर सती और शिव की कथा में।

इस कथा से स्पष्ट होता है कि प्राचीन काल में विवाह और वंश की अवधारणा आज से बहुत अलग थी। मारिषा का चरित्र इस बात का प्रतीक है कि

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