लक्षद्वीप: भारत का शत-प्रतिशत जैविक केंद्र शासित प्रदेश
पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्यप्रद कृषि की दिशा में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने लक्षद्वीप को देश का पहला 100% जैविक (ऑर्गेनिक) केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया है। राज्यों की बात करें तो इससे पहले सिक्किम भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य बनने का गौरव हासिल कर चुका है, और अब लक्षद्वीप ने केंद्र शासित प्रदेशों में बाजी मारी है।
लक्षद्वीप की इस सफलता का सबसे बड़ा रहस्य उसकी सदियों पुरानी पारंपरिक खेती प्रणाली में छिपा है। यहाँ कृषि कार्य में रासायनिक खादों, सिंथेटिक उर्वरकों और हानिकारक कीटनाशकों का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। यहाँ के किसान फसल उगाने के लिए केवल प्राकृतिक खादों और जैविक तकनीकों का ही सहारा लेते हैं। इस निर्णय से न केवल यहाँ की मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि द्वीपों का संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिक तंत्र भी जहरीले रसायनों से सुरक्षित रहेगा।
पूर्ण जैविक दर्जा मिलने से लक्षद्वीप के नारियल और मछली पालन जैसे मुख्य उद्योगों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। जैविक उत्पादों की बढ़ती माँग को देखते हुए यहाँ के किसानों और स्थानीय उपज को बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे, जिससे द्वीप की अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। यह उपलब्धि देश के अन्य हिस्सों को भी टिकाऊ और रसायन-मुक्त कृषि अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
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