भारत में डॉक्टरों की कमी: एक चुनौतीपूर्ण सच्चाई
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती यह है कि डॉक्टरों की संख्या आबादी के मुकाबले बेहद कम है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, यहाँ लगभग 11,082 लोगों पर सिर्फ एक डॉक्टर की उपलब्धता है। यह आंकड़ा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित मानकों के बहुत पीछे है।
WHO के अनुसार, प्रति 1000 व्यक्तियों पर कम से कम एक डॉक्टर होना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकें। लेकिन भारत में यह अनुपात लगभग 1:11,000 के करीब है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है।
यह समस्या ग्रामीण इलाकों में और भी गहरी है। जहाँ अधिकांश डॉक्टर शहरी क्षेत्रों में केंद्रित हैं, वहीं दूर-दराज के गाँवों में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएँ भी नाममात्र की हैं। इसके कारण गरीब और कमजोर वर्गों को उचित इलाज मिलने में बड़ी दिक्कत होती है।
सरकार ने कई पहल की हैं, जैसे नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापन
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