105 डिग्री बुखार: क्या यह खतरनाक है?

जब शरीर का तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट (लगभग 37.8°C) से ऊपर जाता है, तो उसे बुखार कहा जाता है। लेकिन जब यह तापमान 105 डिग्री फारेनहाइट (लगभग 40.5°C) तक पहुंच जाता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसा बुखार सामान्य संक्रमण या वायरस के कारण भी हो सकता है, लेकिन अगर तापमान इससे भी आगे बढ़े, तो यह सामान्य बुखार नहीं, बल्कि हाइपरथर्मिया का संकेत हो सकता है।

हाइपरथर्मिया वह स्थिति है जब शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है—जैसे 106 डिग्री फारेनहाइट या उससे ऊपर। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने वाले केंद्र में खराबी या गर्मी की चपेट के कारण हो सकता है। यह सामान्य बुखार से बिल्कुल अलग होता है। इसके विपरीत, हाइपोथर्मिया में शरीर का तापमान बहुत कम हो जाता है। दोनों ही स्थितियां चिंताजनक हो सकती हैं।

105 डिग्री का बुखार लंबे समय तक रहने पर बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ऐस

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