क्या भारत में 'काली' जैसे काली हथियार हैं?
काली, जिसका पूरा नाम किलो-एम्पियर लाइनर एक्सेलरेटर है, कोई साधारण हथियार नहीं है। यह एक उन्नत इलेक्ट्रॉन एक्सेलरेटर है जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। कई लोग इसके नाम को लेकर भ्रमित रहते हैं, मानते हैं कि यह कोई रहस्यमयी 'काली हथियार' है, लेकिन असलियत में यह एक वैज्ञानिक उपकरण है जो रक्षा अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चंडीगढ़ में स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैब (TBRL) में, काली से उत्सर्जित एक्स-रे का उपयोग अत्यधिक गति वाली तस्वीरें लेने (अल्ट्राहाई स्पीड फोटोग्राफी) के लिए किया जा रहा है। यह तकनीक बैलिस्टिक्स यानी गोलियों और मिसाइलों की गति और व्यवहार का अध्ययन करने में मदद करती है।
हालांकि काली को कभी-कभी मीडिया में 'एनर्जी वेपन' की तरह पेश किया जाता है, लेकिन अभी तक इसका उपयोग मुख्य रूप से शोध और परीक्षण में ही हो रहा
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