आइए जानें: भारतीय दंड संहिता की धारा 116 और 117 क्या है?
धारा 116 भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत उस व्यक्ति पर लागू होती है, जो किसी ऐसे अपराध को करने के लिए किसी दूसरे को उकसाता है, जिसके लिए कारावास का प्रावधान है। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर वह अपराध वास्तव में नहीं किया जाता, तो भी उकसाने वाले को दंड दिया जा सकता है। ऐसे मामले में दंड उस अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम कारावास के एक चौथाई तक का हो सकता है। इसके अलावा जुर्माने की भी संभावना होती है।
धारा 117 उन लोगों पर लागू होती है जो ऐसे अपराधों को बढ़ावा देते हैं जिनके लिए दो साल या उससे अधिक का कारावास हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसे अपराध के लिए दूसरे को उकसाता है, तो उसे भी दंड मिल सकता है, भले ही अपराध वास्तविक रूप से न हुआ हो। यह धारा उन लोगों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी बचाव है जो पीछे छिपकर अपराध करवाने की कोशिश करते हैं।
ये धाराएं भारतीय कानू
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