इस्लामी कैलेंडर: 12 पवित्र महीने

इस्लामी कैलेंडर, जिसे हिजरी कैलेंडर भी कहा जाता है, चंद्रमा के चक्र पर आधारित होता है। यह 12 महीनों का एक वर्ष होता है, जो प्रत्येक नए चंद्रमा के समय शुरू होता है। हर महीना लगभग 29 या 30 दिनों का होता है, जिससे साल की कुल अवधि लगभग 354 दिनों की होती है।

इन 12 महीनों में से पहला महीना मुहर्रम होता है, जो इस्लाम के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इसके बाद सफ़र, रबी अल-अव्वल, रबी अल-थानी, जुमादा अल-अव्वल, जुमादा अल-थानी, रजब, शाबान और फिर रमज़ान आता है, जो उपवास का महीना माना जाता है। रमज़ान के बाद शव्वाल आता है, जिसके पहले दिन 'ईद-उल-फितर' मनाई जाती है।

वर्ष के अंतिम महीने धू अल-क़दाह और धू अल-हिज्जाह में भी खास महत्व होता है। खासकर धू अल-हिज्जाह में मुसलमान हज के लिए मक्का जाते हैं और ईद-उल-अज़हा मनाई जाती है।

इस्लामी महीने हर साल थोड़ा पहले

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